एटा। मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय में शनिवार को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड चिकित्सा विज्ञान (एनबीईएमएस) नई दिल्ली की टीम ने बाल रोग विभाग में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) की चार सीटों की मान्यता के लिए निरीक्षण किया। टीम ने विभागीय व्यवस्थाओं, चिकित्सा सुविधाओं, शिक्षण संसाधनों और प्रशिक्षण व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इस दौरान टीम ने बाल रोग विभाग की ओपीडी, आईपीडी, एनआईसीयू, एसएनसीयू और पीआईसीयू का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। इसके अलावा इमरजेंसी विभाग, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, सेंट्रल लैब, रेडियोलॉजी विभाग, डिस्पेंसरी और पर्चा काउंटर सहित विभिन्न इकाइयों का भी निरीक्षण किया गया।
टीम ने शिक्षण वातावरण, अभिलेखों, प्रशिक्षण सुविधाओं तथा आवश्यक दस्तावेज की जांच की। संस्थान में उपलब्ध मानव संसाधन, शैक्षणिक गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं का भी मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने चिकित्सा एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही पीडियाट्रिक विभाग को डीएनबी (पीजी) की चार सीटों की स्वीकृति मिल जाएगी। उनके अनुसार इससे मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी और क्षेत्र में बाल रोग विशेषज्ञों के प्रशिक्षण के साथ गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोनू यादव, आचार्य (शरीर रचना विभाग) डॉ. विवेक पाराशर, सेंट्रल लैब प्रभारी डॉ. प्रशांत भारद्वाज, डीएनबी एवं एनएमसी नोडल अधिकारी डॉ. मंजरी कुमारी, सह आचार्य (बाल रोग विभाग) डॉ. एबी सिंह, सहायक आचार्य शिवम यादव, डॉ. मंजेश, डॉ. योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।