ठंडी सड़क स्थित नेमिनाथ जिनालय में बुधवार सुबह सबसे पहले धर्म सभा का आयोजन हुआ। मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि धर्म से ही जीवन का कल्याण होता है। पंच कल्याणक में पापों का क्षय करने का उपक्त्रस्म किया जाता है। भगवान की भक्ति से कष्ट और पीड़ाएं दूर होती हैं। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि परम पद को हासिल करने के लिए परमात्मा की उपासना जरूरी है। इसके बाद जैन संतों की आहार चर्या जैन नगर में संपन्न कराई गई। दोपहर को मेहता पार्क स्थित वीर कांपलेक्स से पंच कल्याणक पात्रों की शोभायात्रा निकाली गई। यहां भगवान के माता और पिता बने राजेंद्र जैन और नंदनबाई जैन का समाज बंधुओं ने सम्मान किया। इसके बाद शोभायात्रा सनत इंद्र राजीव जैन सुल्ली के प्रतिष्ठान, गोदाम चौकी, सुभाष मूर्ति होते हुए बंास मंडी स्थित ईशान इंद्र प्रियांक जैन के आवास पहुंची। इसके बाद शोभायात्रा महावीर पार्क होते हुए बड़े जैन मंदिर पर संपन्न कराई गई।
सौधर्म इंद्र पीयूष जैन, कुबेर इंद्र, देवेंद्र जैन, यज्ञनायक निर्मल जैन, ब्रह्म इंद्र प्रियेश जैन का सम्मान किया गया। शोभायात्रा के दौरान जैन आचार्य सुंदर सागर महाराज और मुनि प्रमुख सागर महराज ने भक्तों को आशीष दिया। सर्वेश जैन, प्रदीप जैन, विमल, आशीष, विजय, मुनेंद्र जैन, प्रशांत, सुशील, सुधीर, अनुराग, विवेक जैन, मुकेश, विकास, शशि, बबिता जैन, ममता, सुनीता, ऊषा जैन, मंदीपिका, रुचि, कुमकुम, विनीता, अनीता समेत अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।