एटा। एन वक्त तक टिकट रोककर रखने के बावजूद भाजपा विद्रोह को नहीं संभाल सकी। जलेसर, अवागढ़, जैथरा और राजा का रामपुर में टिकट न मिलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भर पार्टी को चुनौती दे दी है। यह चुनाव में भाजपा के लिए संकट खड़ा करने वाली बात हो सकती है। चिंताजनक तो यह भी है कि कुछ स्थानों पर पार्टी के ही लोग इन निर्दलीयों को नामांकन कराने पहुंचे।
हर निकाय में भाजपा से टिकट के दावेदारों की कतार लंबी थी। पार्टी पदाधिकारियों को अंदेशा था कि प्रत्याशियों की घोषणा होते ही अन्य दावेदारों का मिजाज बदल सकता है। वह बगावत पर आ सकते हैं। इसलिए सूची को अंत समय तक रोका गया। नामांकन के अंतिम दिन से चंद घंटे पहले रविवार की देरशाम नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष व सभासद पद प्रत्याशियों की सूची जारी की गई। इसके बावजूद सूची आते ही कई दावेदारों ने रात ही रात विद्रोह की रूपरेखा तैयार कर ली।जलेसर नगर पालिका में तमाम लोग पार्टी से टिकट मांग रहे थे। इंदुवाला कुशवाह को प्रत्याशी बनाया गया। टिकट न मिलने वाले मायूस हैं। इनमें से संजीव वर्मा की पत्नी गौरी वर्मा और राकेश कुमार की पत्नी राजकुमारी ने समर्थकों के साथ तहसील पहुंचकर नामांकन कर दिया। अवागढ़ में महेशपाल सिंह को टिकट मिलने से वैश्य समाज पार्टी से नाराज है। इस वर्ग ने पार्टी टिकट मांग रहे मुन्नालाल गुप्ता को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाने का फैसला किया। उन्होंने भी सोमवार को अपना नामांकन पेश कर दिया।
उधर, अलीगंज विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत राजा का रामपुर में भी इसी तरह का विद्रोह है। यहां पार्टी ने रेखा रानी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी से ही टिकट मांग रही सुनीता को नामांकन कराने के लिए भाजपा के ही कुछ पदाधिकारी पहुंचे। यही हाल नगर पंचायत जैथरा पर भी देखने को मिला। यहां भाजपा प्रत्याशी विजेंद्र सिंह को टक्कर देने के लिए पार्टी के ही पंकज गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया। वह भी पार्टी से टिकट मांग रहे थे। इन्हें नामांकन कराने के लिए पार्टी के कुछ पदाधिकारी पहुंचे तो यह चर्चा का विषय बन गया है। निधौली कलां पर मोनी गुप्ता की पत्नी दीक्षा गुप्ता ने नामांकन कर भाजपा की मुश्किल बढ़ा दी है।
कुछ स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं के पर्चे भरने की जानकारी मिली है। हालांकि उन पर कोई पद नहीं हैं। परिवार में कभी-कभी आपस में नाराजगी हो जाती है। उन्हें बैठाकर समझाया जाएगा। न मानने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। - संदीप जैन, जिलाध्यक्ष भाजपा