एटा के राजा का रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा किया गया। निजी नर्सिंग होम और घरों में हुए प्रसव भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर लिए गए। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग में खलबली मची। इसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।
कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं को नियमित रूप से प्रसव सुविधा नहीं मिलती। अक्सर केंद्र का प्रसव कक्ष खुलता नहीं है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ऐसे में सामान्य रोगियों को दवा तक मिलना मुश्किल होता है।
कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को अलीगंज, फर्रुखाबाद आदि स्थानों पर प्रसव के लिए जाना पड़ता है। तो गरीब और अशिक्षित लोग घर में दाई आदि के माध्यम से प्रसव कराने का जोखिम लेते हैं। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य केंद्र का रिकॉर्ड यहां प्रसव सुविधा सुचारु होने का दावा कर रहा है।