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इंपैक्ट: बुखार पीड़ित बच्चों के गांव पहुंची स्वास्थ्य टीमें, कराई गईं जांचें

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बुखार के मरीजों के सैंपल लेता स्वास्थ्यकर्मी । - फोटो : ETAH
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एटा। जानलेवा होते जा रहे बुखार की वजह से दो बच्चों की मौत और कई बच्चों के मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने की खबर अमर उजाला में 9 अगस्त के अंक में प्रकाशित हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मंगलवार को गांव नगला भिखारी, शिवसिंहपुर और नगला फकीर में लोगों की टीमें भेजकर जांचें कराई गईं। इस दौरान मरीजों के सैंपल भी लिए गए, इसमें कोई मलेरिया संक्रमित नहीं पाया गया।
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ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र के गांव नगला भिखारी निवासी महेशचंद्र का छह वर्षीय नाती गोपाल को बुखार आने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जबकि गांव शिवसिंहपुर निवासी चंद्रवती का चार वर्षीय पुत्र मयंक भी बुखार की वजह से भर्ती करना पड़ा। इनके अलावा अन्य बुखार से पीड़ित बच्चे भी भर्ती किए गए।
इनकी खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने टीमें गठित कर गांवों में भेजीं। गांव में ही ओपीडी की गई और मरीजों के सैंपल लेकर मलेरिया आदि की जांच कराई गईं। दवाएं भी वितरित की गईं।
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प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह ने बताया कि गांव शिवसिंहपुर में 30 लोगों की ओपीडी की गई और 11 की मलेरिया जांच कराईं गई। जबकि नगला भिखारी में 35 की ओपीडी और छह मलेरिया जांच व नगला फकीर में 78 की ओपीडी और छह मलेरिया जांच कराई गई हैं। किसी को मलेरिया नहीं मिला है। बुखार से पीड़ित मरीजों को दवाएं वितरित कराई गई हैं। सभी की सामान्य स्थिति बनी हुई है।
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