जैथरा में काली नदी के किनारे जंगलों में लहन नष्ट कराती आबकारी टीम व पुलिस बल। संवाद
जैथरा। काली नदी किनारे बसे गांव जहांगीराबाद, कस्तूरपुरा, मनिकपुरा, निजामाबाद के जंगल में संचालित शराब के अवैध कारोबार के ठिकानों पर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। टीम के पहुंचते ही अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोग काली नदी में कूदकर मैनपुरी जिले में जा छिपे। कार्रवाई में टीम ने 40 लीटर कच्ची शराब और 1200 लीटर लहन बरामद किया है।
काली नदी पार मैनपुरी जिले की सीमा होने पर नदी किनारे कच्ची शराब निर्माण किए जाने का काम दशकों पुराना है। डिजिटल दौर में काफी हद तक अंकुश लगने के बाद होली पर्व नजदीक आते ही कच्ची शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोग सक्रिय हो गए थे। जानकारी पर आबकारी विभाग के अलीगढ़ मंडल के उपायुक्त कुलदीप सिंह, सहायक उपायुक्त अशोक कुमार एवं राजेश सिंह, निरीक्षक योगेश कुमार सिंह, डीके सिंह, अनुराग सिंह ने क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह, थाना प्रभारी रीतेश ठाकुर ने फाेर्स के साथ काली नदी किनारे बसे गांव में दबिश देने की कार्रवाई की।
पुलिस फोर्स देखते ही अवैध धंधे से जुड़े लोग काली नदी में कूदकर मैनपुरी जिले में जा छिपे। फोर्स के पास संसाधन न होने पर उनको भागता हुए देखते रहे। आबकारी और पुलिस टीम ने छापामारी में सुलग रही भट्टियों को नष्ट करते हुए बरामद की 40 लीटर कच्ची शराब और 1200 लीटर लहन को मौके पर ही मिट्टी में समायोजित कर दिया।
रीतेश ठाकुर ने बताया कच्ची शराब के अवैध धंधे से मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव गोकुलपुर निवासी रनवीर और उसके पुत्र पिंटू एवं पंकज जुड़े हुए हैं। कई बार कार्रवाई होने पर भी हरकत से बाज नहीं आते हैं, रुपयों का लालच देकर जिले के बेरोजगार लोगों को जोड़कर नदी के इस पार एटा जिले में भट्टी चलाते हैं और छापा पड़ने पर नदी में कूदकर अपने जिले में भाग जाते हैं।