एटा। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म और स्वेटर आदि की धनराशि भेजी जाती है। इसके लिए छात्रों के आधार कार्ड से डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि दी जाती है। अब शासन स्तर से छात्र के आधार कार्ड के सत्यापन की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अगर छात्र का आधार कार्ड नहीं है तो अभिभावक का आधार कार्ड सत्यापित किया जाएगा।
जिले में कुल 1691 परिषदीय विद्यालय हैं, जिसमें 1.25 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को हर साल 1200 रुपये यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर और स्कूल बैग और स्टेशनरी खरीदने के लिए मिलते हैं। इसमें यूनीफॉर्म के 600 रुपये, स्कूल बैग के लिए 175 रुपये, जूता-मौजा के लिए 125 रुपये, स्वेटर के लिए 200 रुपये, स्टेशनरी के लिए 100 रुपये खाते में दिए जाते हैं।
अभी तक बच्चों व अभिभावकों के आधार कार्ड सत्यापन करने के बाद ही धनराशि खाते में प्रेषित की जाती थी। बच्चों का आधार कार्ड न होने पर समस्या खड़ी हो जाती थी। इस समस्या से निपटने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में निर्णय लिया कि अब बच्चों का आधार कार्ड न होने पर भी अभिभावकों के खातों में धनराशि भिजवाई जाएगी। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि अभी तक अभिभावक और विद्यार्थी के आधार कार्ड सत्यापित होते थे लेकिन अब सिर्फ अभिभावक का ही आधार कार्ड सत्यापित करने के बाद उसके खाते में यूनिफॉर्म व स्वेटर आदि की धनराशि प्रेषित की जाएगी।