उत्तर प्रदेश के एटा में शिकोहाबाद मार्ग पर बृहस्पतिवार की शाम को दो बाइकों की भिड़ंत हो गई। हादसे में पिता व दो मासूम बच्चों सहित चार की मौत हो गई। जबकि, दो लोग घायल हैं। घायल पत्नी नीरज को पता ही नहीं है कि उसकी दुनिया उजड़ गई है। मेडिकल कॉलेज से उसे उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया है। एक ही घर में तीन की मौत से गांव में मातम पसरा है। जिसने सुना वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।
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गुमानपुर गांव निवासी महावीर शिकोहाबाद रोड पर पंचर की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। बृहस्पतिवार को ससुराल जसराना के नगला रंजीत में धार्मिक कार्यक्रम था। ससुरालीजनों ने बुलाया तो बाइक से ही बृहस्पतिवार की सुबह पत्नी व दोनों बेटों के साथ चले गए। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह बाइक से गांव वापस आ रहे थे।
बाकलपुर के पास एक अन्य बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। इससे दोनों बाइकों पर सवार छह लोग घायल हो गए। मेडिकल कॉलेज में चार को मृत घोषित कर दिया गया। बताया गया टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइकों पर सवार सभी उछलकर सड़क पर इधर-उधर जा गिरे। घायल नीरज को मेडिकल कॉलेज से आगरा रेफर किया गया। जबकि दूसरे घायल का कॉलेज में ही उपचार चल रहा है।
वहीं सामने वाली बाइक पर सवार जलेसर के पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह हैप्पी का भतीजा ललित और उसका मित्र राजा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि महावीर और उसके पुत्र यश एवं पीयूष की मौके पर ही मौत हो चुकी है।
वहीं महावीर की पत्नी नीरज और राजा व साथी ललित गंभीर रूप से घायल थे। एंबुलेंस की मदद से सभी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक ने ललित को मृत घोषित कर दिया। राजा का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, तो नीरज को आगरा रेफर किया गया है।
ललित कला अकादमी, संजय प्लेस, आगरा से कर रहा था पढ़ाई
दूसरी बाइक पर सवार मृतक ललित जलेसर के पूर्व चेयरमैन मोहन सिंह हैप्पी का भतीजा है। ललित अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। वह आगरा में रहकर ललित कला अकादमी संजय प्लेस में पढ़ाई कर रहा था और आर्टिस्ट बनना चाहता था।
एटा शहर में कटरा मोहल्ले में उसके बाबा वेदराम रहते थे। छुट्टी होने की वजह से वह उनसे मिलने आया था। इस दौरान फफोतू निवासी उसका मित्र राजा मिल गया जिसको लेकर वह अपनी ननिहाल फफोतू जा रहा था। तभी रास्ते में हादसे का शिकार हो गया।
क्षेत्राधिकारी सकीट संजय सिंह ने बताया कि बाइक पर सवार इन लोगों में से किसी के पास भी हेलमेट नहीं था। अगर यह हेलमेट लगाए होते तो शायद किसी की जान बच जाती। वहीं पोस्टमार्टम पर मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी सहित अन्य लोग जा पहुंचे और दोनों के परिजनों को ढांढस बंधाया।