एटा। हैदराबाद में डॉक्टर बिटिया से दुष्कर्म के आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से एक बार फिर मानवाधिकारों पर बहस छिड़ गई है। यह सही भी है कि मानवाधिकारों के संरक्षण का जिस खाकी वर्दी पर दायित्व है, वही सबसे ज्यादा मानवाधिकारों का उल्लंघन करती है। यहां तक की अपने बचाव के लिए जिले के थाने और चौकियों में शासनादेश के बावजूद मानवाधिकार संबंधी बोर्ड तक नहीं लगाए हैं।
मंगलवार को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाया जाएगा। गोष्ठियां और रैलियां निकालकर मानवाधिकारों की दुहाई दी जाएगी और लोगों को अधिकारों का पाठ पढ़ाया जाएगा। लेकिन शहर में सबसे महत्वपूर्ण पुलिस विभाग ही इसके प्रति सजग और संवेदनशील नहीं हैं। पुलिस थानों में ही मानवाधिकारों का सबसे ज्यादा उल्लंघन किया जा रहा है।
अमर उजाला की टीम ने सोमवार को इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाले नजारे देखने को मिले। कोतवाली नगर, कोतवाली देहात और महिला थाना सहित अन्य चौकियों पर धड़ल्ले से मानवाधिकारों का उल्लंघन होते मिला। नियमों की जानकारी तो दूर यहां पर मानवाधिकार संबंधी बोर्ड तक टंगा नहीं मिला। थाने में बोर्ड न लगने की बात जब प्रभारी इंस्पेक्टर देहात कोतवाली सुभाष सिंह बात को टालते नजर आए। कोतवाली शहर में मुंशी लखन ने बताया कि किसी ने वॉल पेंट होने के चलते मिट गया होगा। कई इस बात पर चुप्पी साधते नजर आए।
हवालातों में गंदगी और बदबू
कोतवाली सिटी में हवालात का सबसे बुरा हाल मिला। यहां पर न तो कोई साफ-सफाई है और न ही पानी, शौचालय का इंतजाम है। हवालात में बदबू आ रही है। पीने के पानी का कैंपर हवालात के बाहर रखा मिला, जबकि बंदी के पानी मांगने पर पहरा बोतल में पानी भरकर देता है।
ये हैं मानवधिकार
- प्रत्येक पीड़ित की एफआईआर दर्ज करना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस मना नहीं कर सकती है।
- थाने लाए गए किसी भी व्यक्ति के साथ पुलिस अमानवीय व्यवहार या मारपीट नहीं कर सकती।
- पुलिस बिना कारण बताए किसी भी मामले में किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती है।
- गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के अंदर पुलिस को नजदीकी न्यायालय के समक्ष पेश करना जरूरी है।
- पुलिस किसी भी व्यक्ति को हिरासत में थाने लाती है, तो उसे समय पर भोजन देना होता है।
- न्यायालय के आदेश के बिना पुलिस किसी भी आरोप में व्यक्ति को हथकड़ी नहीं लगा सकती।
- किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर पुलिस वालों को इसकी सूचना परिजनों को देना जरूरी है।
- दुष्कर्म पीड़िता से महिला पुलिस की मौजूदगी में ही पूछताछ की जा सकती है।
मानवाधिकार का बोर्ड प्रत्येक थाने में लगाने का प्रावधान है, जांच करके बोर्ड लगवाएंगे। हवालात में भी साफ-सफाई जल्द ही कराएंगे।
- संजय कुमार, एएसपी।