जिला अस्पताल में मौजूद विक्षिप्त महिला- संवाद
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एटा। जिला में अफसर और कर्मचारियों की लापरवाही अक्सर सामने आती रहती है। बुधवार को भी संवेदनहीनता का एक मामला प्रकाश में आया। एक चिकित्सक द्वारा आगरा के लिए रेफर की गई विक्षिप्त महिला को एंबुलेस चालक उसेजिला अस्पताल में ही छोड़ गया। महिला सर्जिकल वार्ड के बाहर बैठी रही।
24 जनवरी को जिला अस्पताल के महिला सार्जिकल वार्ड में एक विक्षिप्त महिला को भर्ती कराया गया था। जहां उसका उपचार चल रहा था। मंगलवार को डॉ. बी. सागर ने उसे आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस से महिला आगरा को रवाना हो गई, लेकिन शाम के समय एंबुलेंस चालक महिला को अस्पताल में ही छोड़ गया। बुधवार को ड्यूटी पर तैनात नर्स ने बताया कि महिला को रेफर किया गया था। एंबुलेंस चालक इसको यहीं छोड़कर चला गया है।
ईएमटी कर रहा मना
अस्पताल से बनी बीएसटी (ड्यूटी रजिस्टर) पर 108 एंबुलेस के ईएमटी का नाम पड़ा है। जब इस मामले में ईएमटी मानवेंद्र सिंह से बात हुई तो उसने ऐसी महिला को एंबुलेस को ले जाने से मना कर दिया। उसने बताया कि वह मंगलवार को विक्षिप्त महिला को लेकर ही नहीं गया है। उसका बीएसटी में नाम कैसे पड़ गया। इसकी वह जानकारी करेगा।
- मामले की जानकारी मिल गई है, इसकी जांच कराई जाएगी कि एंबुलेंस चालक आगरा रेफर की गई महिला को जिला अस्पताल में कैसे छोड़ गया। दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. रामसिंह, प्रभारी सीएमओ।