एटा। अब होम्योपैथी इलाज पुराने महिला अस्पताल के भवन में मिलेगा। पहले यह पर्चा काउंटर के पास एक जर्जर भवन में संचालित किया जा रहा था। चिकित्सकों, कर्मचारियों व मरीजों को इस जर्जर भवन से निजात मिल गई है।
मेडिकल काॅलेज जब जिला अस्पताल था। उस समय अस्पताल परिसर में ही होम्योपैथी अस्पताल का खुद का भवन था। जहां अस्पताल का संचालन होता था। इस दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में वहां मरीजों का पहुंचना रहता था। जब जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज बना तो होम्योपैथी अस्पताल के भवन को तोड़ दिया गया। इसके बाद से होम्योपैथी अस्पताल को खुद का भवन नहीं मिल पाया है। भवन टूटने के बाद यह नगला केवल में पहुंचा, लेकिन वहां मरीज आने बंद हो गए। ऐसे में चिकित्सकों ने पहल की तो मेडिकल कॉलेज परिसर में एक पुराने व जर्जर भवन में होम्योपैथी अस्पताल को शिफ्ट कर दिया गया।
बरसात के दिनों में यहां स्थिति दयनीय हो जाती थी। छत से पानी टपकता था और कमरे में भर जाता। मरीजों सहित चिकित्सकों को भी इस गिरासू भवन में डर लगता था। जबकि ओपीडी में 140 से 150 मरीज प्रतिदिन इलाज को पहुंचते थे। चिकित्सकाें ने भवन को लेकर दोबारा कोशिश शुरू की।
इस पर डीएम के निर्देशन में होम्योपैथी अस्पताल को मेडिकल कॉलेज परिसर में बने महिला अस्पताल के पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। बुधवार को होम्योपैथी अस्पताल में मरीजों को देख रहे चिकित्सक रूप किशोर ने बताया कि 146 मरीजों का उपचार किया गया। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में अस्पताल को संचालित करने के लिए यह भवन दे दिया गया है।