एटा। शहर के पीपल अड्डा पर रखी गई होलिका को लेकर मंगलवार को हंगामेदार स्थिति बन गई। एक अधिवक्ता सड़क पर बैठ गए और होलिका दहन का विरोध जताने लगे। उनका कहना था कि सड़क धंसी तो किसकी गारंटी होगी? वहीं इससे कुछ दूर पटियाली गेट पर एक मोहल्ले के लोगों ने होलिका का स्थान बदल दिया। दूसरे मोहल्ले के लोगों ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए हंगामा किया। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर दोनों मामलों को सुलझाया।पीपल अड्डा पर नगरसेन वाली गली के पास हर साल पारंपरिक रूप से होलिका दहन किया जाता है। पिछले दिनों यहां सीसी सड़क बनी है। इसके किनारे से ही होलिका रखी गई। मंगलवार दोपहर के समय यहां अधिवक्ता ओमपाल लोधी विरोध जताने लगे। उनका कहना था कि होलिका दहन यहां किए जाने से नई सड़क धंस जाएगी और लोगों को असुविधा होगी। होलिका हटाने की मांग को लेकर वह सड़क पर ही बैठ गए।
सूचना पर एसडीएम सदर शिव कुमार और सीओ सिटी राजकुमार सिंह को मौके पर पहुंचना पड़ा। उन्होंने अधिवक्ता से उनकी आपत्ति की वजह पूछी। कहा कि सड़क की चिंता और क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत की जिम्मेदारी हम लोगों की है। साथ ही अन्य लोगों से इस स्थान पर होलिका दहन कराए जाने के संबंध में आपत्ति की जानकारी ली। किसी ने आपत्ति से इन्कार कर दिया। जिस पर होलिका दहन यहीं किए जाने पर सहमति बनी और मामला निपटाया गया।
इसके अलावा पटियाली गेट पर गंदे नाले के पास भी होलिका स्थान को लेकर हंगामा हुआ। यहां सड़क पर गली धोबियान, बाल्मीकि बस्ती सहित एक-दो अन्य मोहल्लों के लोग होलिका पूजन में शामिल होते हैं। आरोप है कि मंगलवार को गली धोबियान के बाशिंदे होली की लकड़ी, कंडे आदि उठाकर ले गए और धोबियान चोक में ले जाकर रख दिए। वहीं इन लोगों का कहना था कि विद्युत तारों के नीचे हादसे की आशंका के चलते स्थान बदला है। बाल्मीकि बस्ती वालों का कहना था कि परंपरा तोड़ी जा रही है। हम लोगों को समस्या होगी। उन्होंने वहां हंगामा शुरू कर दिया। सीओ सिटी पुलिस बल को लेकर वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों को शांत कर उनकी बात सुनी। उनकी सहमति से तय किया कि बाल्मीकि बस्ती वाले चाहें तो अपने चौक पर अलग होलिका रख लें। पहले ये लोग तैयार हुए, बाद में उन्होंने सामूहिक रूप से ही होलिका दहन का निर्णय लिया। सीओ ने बताया कि दो स्थानों पर कुछ विरोध की स्थिति थी। लोगों को समझाकर मामला शांत कर दिया गया है।