मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती मरीज। संवाद
एटा। जिले में कई लोग स्टेमी रोग (होर्ट अटैक) की वजह से लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए मेडिकल कॉलेज की ओर से तीन चिकित्सकों को आगरा में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि स्टेमी (एसटीईएमआई) एसटी-एलीवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन एक गंभीर हृदय का दौरा है। जब हृदय की कोई धमनी पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है तो हृदय की मांसपेशियों के एक हिस्से में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है जिसे स्टेमी कहा जाता है। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज की तीन स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण लेने के लिए आगरा भेजा गया है।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। डॉ. चेतन चौहान, स्टाफ नर्स दुर्गेश और लैब टेक्नीशियन यतेंद्र को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। प्रशिक्षण लेने के बाद चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में आने वाले स्टेमी के मरीजों का ठीक से उपचार दिया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी की वजह से कई ऐसे मरीज है जिन्हें इमरजेंसी लाते वक्त रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं या फिर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाता है। इस बीमारी पर काबू पाने के लिए टेनेक्डेप्लाज इंजेक्शन भी दिया जाता है। इमरजेंसी में करीब 370 इंजेक्शन उपलब्ध हैं जिनसे मरीज को ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस एक इंजेक्शन की कीमत करीब 22 हजार होती है जिसे इमरजेंसी में मरीजों को निशुल्क दिया जाता है।