एटा। आखों में होने वाली बीमारियों में एक ट्रेकोमा भी है। यह संक्रामक बीमारी है, जो क्लैमाइडिया, ट्रेकोमैटिस बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होती है। इससे लोगों को बचाने के लिए शासन ने जागरूकता अभियान चलाने के साथ मरीजों को खोजने के आदेश दिए हैं। ब्लाक स्तर पर एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आंखों की कुछ गंभीर बीमारियों में शामिल ट्रेकोमा अंधेपन का कारण बन जाता है। इसमें साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखना होता है। शासन ने ट्रेकोमा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के आदेश दिए और कहा कि एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वह क्षेत्रों में जाकर मरीजों को चिह्नित कर सकें।
एएनएम पहले संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को ले जाएंगी। वहां से मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा। राहत न मिलने पर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मानें तो इस बीमारी के एक-दो मरीज मिल जाते हैं। इस प्रकार का कार्यक्रम पहली बार हो रहा है। ट्रेकोमा 15 वर्ष से अधिक के लोगों में फैलता है।
ऐसे फैलता है ट्रेकोमा
ट्रेकोमा बैक्टीरिया से आंख की ऊपरी पलक के अंदर झिल्ली में इसका असर पड़ने लगता है। सूजन आने पर अंदर की ओर मुड़ने लगती है। यह कॉर्निया को रगड़ कर घायल कर देता है।
लक्षण
आंख में हल्की खुजली, जलन, पलकों में सफेदी, पलक के अंदर छोटी-छोटी गांठ, दर्द आदि।
उपाय
नियमित आंख की सफाई करना, धूल-मिट्टी से बचाव करना, आंख लाल होने पर नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना।
- ट्रेकोमा की रोकथान के निर्देश मिले हैं। ब्लाक स्तर पर इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगर ब्लाक स्तर पर इंतजाम नहीं हो पाया तो जिला स्तर पर मरीजों का उपचार किया जाएगा। - डॉ. आर एन गुप्ता, एसीएमओ।