जिला अस्पताल में उपचार के लिए पंजीकरण कराने को कतार में खड़े मरीज
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एटा। जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं हैं। अक्तूबर माह में डीएम ने चार बार अस्पताल का निरीक्षण कर चिकित्सकों को समय से अस्पताल में बैठने के निर्देश दिए। इसके बाद भी ओपीडी में चिकित्सक नहीं बैठ रहे हैं। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। शुक्रवार को चार चिकित्सक छुट्टी पर थे। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई।
जिले में वायरल बुखार और डेंगू का कहर जारी है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ जमा हो रही है। इसके बाद भी चिकित्सकों का रवैये में बदलाव नहीं आ रहा है। वह ओपीडी में सुबह आठ बजे बैठने की जगह नौ से साढ़े नौ बजे तक बैठते हैं। वहीं दो घंटे बैठने के बाद फिर कक्ष से निकल जाते है। इससे मरीज चिकित्सकों को तलाशते नजर आते हैं। शुक्रवार को अस्पताल में डॉ. सुरेश चंद्रा, डॉ. अतुल सारस्वत, डॉ. संगीता सिंह व डॉ. कुलदीप छुट्टी पर थे। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनंत व्यास का ऑफ था। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा।
एनआरसी के चिकित्सक ने देखे मरीज
ओपीडी में शुक्रवार को एनआरसी के चिकित्सक डॉ. वैभव गुप्ता ने मरीजों को कक्ष संख्या छह में बैठकर देखा। वहीं कक्ष संख्या पंाच खाली पड़ा रहा। कक्ष संख्या 4 में डॉ. बी सागर मरीजों को देख रहे थे। वहीं अस्थि रोग के कक्ष में दोनो चिकित्सक मौजूद थे।
अस्पताल में चिकित्सकों का अभाव है। चार चिकित्सक छुट्टी पर हैं। इसके चलते थोड़ी अव्यवस्था रही। अस्पताल आने वाले सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
डॉ. आरके अग्रवाल, सीएमएस