एटा। निधौली कलां ब्लॉक के गांव सिरांव में चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा था कि बुखार से बच्चे की मौत हुई है। इसकी पड़ताल करने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। बच्चे के परिजन से पूरी जानकारी ली।
सिरांव के ग्रामीणों सहित मृतक प्रियांशु के परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बताया कि तीन दिन पूर्व बुखार सहित पेट में दर्द की शिकायत हुई। गांव के एक चिकित्सक के पास लेकर गए। जहां चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की राय दी। कुछ दवा भी चिकित्सक द्वारा दी गई। बाद में बच्चे का पेट फूल गया।
बृहस्पतिवार को शहर के एक नर्सिंग होम में लेकर गए। जांच आदि हुई तो बताया गया कि बच्चे को लघुशंका नहीं हो रही है। बाद में उसे मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। उन्हाेंने बताया बच्चे को अपेंडेक्स की समस्या भी थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गए वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक लोकमन सिंह ने बताया कि बच्चे के परिजन से जानकारी की गई। उन्होंने पेट में कोई अन्य बीमारी होने की बात बताई।
टीम गई लेकिन अपंजीकृत पर नहीं की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपंजीकृत नर्सिंग होम सहित क्लीनिक व पैथोलॉजी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को टीम गांव सिरांव में गई थी। मृतक बच्चे का जिस क्लीनिक पर उपचार चला उसकी ओर रुख भी नहीं किया। एक अन्य क्लीनिक संचालक को नोटिस देकर टीम चली आई। ऐसे में टीम की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बृहस्पतिवार को जो टीम गांव सिरांव गई थी, उससे जानकारी की जा रही है। पता किया जा रहा है कि इस चिकित्सक को नोटिस क्यों नहीं दिया गया।