बुद्ध पूर्णिमा पर अलसुबह से ही गंगा घाटों पर भक्तों ने पहुंचकर गंगा स्नान किया। गर्मी के चलते लोगों में अल सुबह स्नान की होड़ रही। घाट पर बने मां गंगा मंदिर सहित अन्य देव मंदिरों में भक्तों ने दर्शन किए। वहीं घाट पर मौजूद साधु संतों को दान दक्षिणा देकर पुण्य अर्जित किया।
कछला, लहरा, सोरों हरि की पैड़ी, कादरगंज, इस्माइलपुर गंगा घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे। हर बार की तरह श्रद्धालुओं को इस बार भी वाहनों की किल्लतों का सामना करना पड़ा, जिसका फायदा डग्गेमार वाहन संचालकों ने उठाया। रोडवेज बसों एवं बरेली जाने वाली ट्रेन में श्रद्धालुओं की संख्या एवं सड़क पर यातायात का दबाव दिखा। राजस्थान, मध्यप्रदेश, आगरा, एटा, फीरोजाबाद सहित अन्य आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु गंगा घाट तक पहुंचे। गंगा घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने विभिन्न पेड़ पौधे, छांव वाले स्थानों एवं पुलिस के द्वारा बनाई गई पार्किंग में अपने वाहनों को खड़ा किया। घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने सपरिवार गंगा स्नान किया। धूप के तल्ख तेवर और गंगा घाट पर खौलती गंगा की रेत श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा पाई। गंगा मइया के जयकारे एवं घंटे, घड़ियाल की आवाज घाटों के आसपास वातावरण में गूंजती रही। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतारी प्रसाद चढ़ाया और घाटों पर बने देव मंदिरों में दर्शन कर मनौती मांगी। घाटों पर बैठे साधु संतों को भोज भी कराया। घाटों पर कई मुंडन सहित अन्य कई धार्मिक अनुष्ठान भी संपन्न हुए। तीर्थ नगरी सोरों की हरि की पैड़ी में श्रद्धालुओं ने गंगा के पवित्र जल में दूध चढ़ाने के बाद प्रसाद बांटा। तीर्थनगरी में वाराह मंदिर, पंचमहाशक्ति मंदिर, बालाजी दरबार, द्वारिकाधीश मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, भागीरथी गंगा मंदिर, बटुकनाथ मंदिर आदि देवालयों में दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं ने चढ़ावा चढ़ाया। गंजडुंडवारा के कादरगंज घाट, इस्माइलपुर, शहवाजपुर सहित तमाम अन्य गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया।
नौका विहार का लिया आनंद
कासगंज(ब्यूरो)। गंगा घाटों पर गंगा स्नान को पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद सपरिवार गंगा स्नान का आनंद लिया। नाविकों ने भी श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए नौका विहार का अतिरिक्त किराया श्रद्धालुओं से बसूला। सामान्य दिनों में पांच रुपये से लेकर 10 रुपये में गंगा में नौका विहार कराने वाले नाविकों ने बड़े स्नान पर्व को देखते हुए 15 से 20 रुपये तक श्रद्धालुओं से लिए।
पेड़ एवं धर्मशालाएं बनी संजीवनी
कासगंज(ब्यूरो)। घाटों पर बनी धर्मशालाओं व आसपास लगे पेड़ शनिवार को गंगा स्नान के दौरान लोगों के लिए संजीवनी बने। गंगा स्नान से पूर्व एवं गंगा स्नान के बाद तन झुलसाने वाली धूप में एक पल के लिए खड़ा होना भी श्रद्धालुओं के लिए दिक्कतों भरा था। ऐसे में घाटों के आसपास लगे पेड़ एवं धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं ने रुककर भोजन इत्यादि किया।