एटा। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में सत्संग के बाद मची भगदड़ में जिला मुख्यालय पर एक के बाद एक 27 लाशें पहुंची। इसके बाद कुछ की पहचान हुई तो कुछ की देर शाम तक पहचान नहीं हो सकी। हादसे की जानकारी मिलने के बाद आए परिजन इन लाशों के ढेर में अपनों की खोज करते रहे। वीभत्स नजारा और परिजन की चीत्कार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। पुलिस व प्रशासन शवों की पहचान कराने में देर शाम तक जुटा रहा।
मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मंगलवार दोपहर बाद 3 बजे के करीब जैसे-जैसे शवों की संख्या बढ़ती गई, भीड़ भी जुटती गई। एंबुलेंस सायरन बजाते आती गई और लाशों के ढेर लगते चलते गए। कुछ घायलों को निजी वाहनों से भी मेडिकल कॉलेज लाया गया। जिनमें से अधिकांश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इनके साथ सत्संग में गए परिजन भीड़ में गुम हो गए और अपनों की तलाश करते रहे। शाम 5 बजे के बाद घायलों और शवों का आना बंद हुआ। तब तक पोस्टमार्टम हाउस पर भारी भीड़ जुट चुकी थी।
भीड़ को देखकर जिले भर की पुलिस मोर्चरी पर बुला ली गई। अधिकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से परिजन को बुलाकर शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने में जुट गए। एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने माइक को संभाला। शवों के पास मिले नाम-पतों से घोषणा कर बुलाया जाता रहा। जो परिजन पहुंचे, उनके शवों को पोस्टमार्टम शुरू कराया गया। शाम 5 बजे एसएसपी राजेश कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश और एसडीएम सदर भावना विमल भी पहुंच गईं। इन अधिकारियों की ओर से परिजन से बात की गई और उन्हें ढांढ़स बंधाते रहे। इसके बाद राजनीतिक दलों के लोगों ने भी पहुंचकर पीड़ित परिजन को सांत्वना दी।