एटा। कोविड व अन्य बीमरियों से मरने वालों की संख्या अचानक से काफी बढ़ी है। ऐसे में श्मशान भूमि पर इंतजाम बढ़ाए गए हैं। अब यहां एक साथ 15 शवों का दाह किया जा सकता है।
शहर में रेलवे रोड स्थित श्मशान स्थल (मोक्ष धाम) पर हर दिन पांच या इससे अधिक शव दाह के लिए लाए जा रहे हैं। यहां आठ स्थल (चबूतरों) की ही व्यवस्था है। अधिक शव होने पर अंतिम संस्कार करने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा था। ऐसे में मोक्ष धाम की व्यवस्थाएं देख रही संस्कार मानव सेवा समिति ने यहां पुराने सात चबूतरों की मरम्मत करा दी है।
समिति अध्यक्ष अमित चौहान ने बताया कि बिना जरूरत वाले चबूतरों को बंद कर पूर्व में सुंदरीकरण कार्य करा दिया था। जरूरत देखते हुए इन्हें फिर शुरू कराया गया है। अब लोगों को अंतिम संस्कार करने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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शाम तक छह शव का संस्कार
बृहस्पतिवार शाम तक मोक्ष धाम में छह शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। इसके बाद भी शवों के पहुंचने का क्रम बना हुआ था।
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कराया लकड़ी का इंतजाम
गरीब और अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए समस्या हो जाती है। इसके लिए भी समिति की ओर सेश्मशान भूमि पर दस क्विंटल लकड़ी रखवा दी गई है। जरूरतमंद लोग, पुलिसकर्मी आदि शवों के अंतिम संस्कार के लिए यहां से लकड़ी प्राप्त कर सकते हैं।