एटा। जिले में विकास व अन्य मानकों को पूरा करने वाली पंचायतों को आईएसओ (अंतर राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। जिले की सभी पंचायतों से आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद पंचायतों का मानक प्रदान करने वाली टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी। सारी व्यवस्थाएं मिलने पर ही ग्राम पंचायत को आईएसओ प्रमाण पत्र दिया जाएगा। शासन से मिले आदेश के मुताबिक आईएसओ प्रमाणपत्र के लिए जिले की हर ग्राम पंयाचत से आवेदन लिया जाएगा। इसके बाद जो पंचायत तय किए गए 10 मानकों पर खरा उतरेगी, उसको आईएसओ प्रमाण पत्र मिलेगा। पंचायत को आईएसओ प्रमाण पत्र के लिए आवेदन को भरकर जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा। जिसके बाद कार्यदायी संस्था पंचायत में जाकर स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। तब जाकर कहीं पंचायत को आईएसओ प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
ये मानक करने होंगे पूर्ण तब जाकर मिलेगा आईएसओ प्रमाण पत्र
ग्राम पंचायत में पंचायत भवन तथा सीएससी क्रियाशील हो। ग्राम पंचायत में मानव संसाधन पर्याप्त हों। ग्राम प्रधान के साथ ही पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सहायक तथा सफाई कर्मचारी तैनात हो। ग्राम पंचायत के रिकार्ड को संरक्षित रखने की व्यवस्था हो। ग्राम पंचायत सचिवालय में महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय होना चाहिए। ग्राम पंचायत में पर्याप्त मात्रा में वित्तीय संसाधन हों तथा पिछले एक या दो वर्ष में राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर पुरस्कार मिल चुका हो। इसके साथ ही ग्राम प्रधान तथा सचिव को पंचायत में संचालित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का विस्तृत जानकारी होनी चाहिए।