एटा। जिला में गेहूं खरीद का लक्ष्य 76 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी लक्ष्य के सापेक्ष 798 एमटी ही खरीद हो सकी है। जबकि शासन की ओर से पिछले वर्ष के लक्ष्य की पूर्ति के ही आदेश जारी किए थे। यह पहली बार हो रहा है जब गेहूं क्रय केंद्रों की स्थित खराब रही है।जिला में 85 गेहूं क्रय केंद्रों का संचालन किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से 76 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद 10 जून तक होनी थी। 31 मई यानी दो माह में महज 798 एमटी ही गेहूं की खरीद हो सकी है। खाद्य विभाग के 5 केंद्र संचालित हैं, इन पर एटा मंडी में 19 एमटी, सकीट में 30, अलीगंज में 32, जलेसर में 14 और अवागढ़ में 16 मीट्रिक टन ही गेहूं की खरीद हो सकी है, जो कुल खरीद 112 एमटी तक ही सिमट कर रह गई है। पीसीएफ के 41 केंद्रों पर 230 एमटी, यूपीएसएस के 11 केंद्रों पर 121, पीसीयू के 24 केंद्रों पर 317 और भारतीय खाद्य निगम के 4 केंद्रों पर 17 मीट्रिक टन खरीद हुई है। जिले में अब तक हुई कुल खरीद 11 फीसदी तक ही पहुंच सकी है। ऐसे में लक्ष्य से कोसों दूर खरीद है।
प्रभारी जिला खाद्य विपनण अधिकारी नंद किशोर ने बताया कि तमाम प्रयासों के बाद भी किसान केंद्रों पर नहीं पहुंचा है। 76 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य वर्ष 2021-22 में था, इसी लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश मिले थे। लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष 798 एमटी खरीद हो पाई है। अभी 10 जून तक खरीद होना बाकी है।