एटा। जिले में 4 नगर पालिका और 6 नगर पंचायतें हैं। इनमें से 8 निकायों में महिलाओं की सरकार बनी है। महिलाओं पर भरोसा जताकर विकास की संभावनाओं को मतदाताओं ने प्राथमिकता दी और उनकी झोली वोटों से भर दी। हालांकि इनमें से निर्दलीयों की राहें आसान नहीं लग रही, उनके आगे चुनौतियां भरपूर हैं। सत्ता पक्ष की बात की जाए तो भाजपा के खाते में नगर पालिका एटा और अलीगंज आई है। अलीगंज अनारक्षित सीट होने के बाद भी महिला प्रत्याशी सुनीता गुप्ता पर मतदाताओं ने भरोसा जताया और भरपूर वोट देकर 3624 वोट से जिताया। जबकि सबसे ज्यादा जनता का समर्थन एटा शहर की सरकार बनाने में किया गया और रिकॉर्ड मत 8406 से विजयी हुईं।
निर्दलीय के रूप में नगर पालिकाध्यक्ष जलेसर गौरी वर्मा जीती हैं, इन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्धी पीस पार्टी की नसरीन बानो को 461 वोटों से हराया है। निधौली कलां में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी शिखा गुप्ता 1120 मतों से जीतीं हैं, जबकि राजा का रामपुर नगर पंचायत से निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता देवी ने 327 वोटों से जीत दर्ज कराई है। पार्टी से तवज्जो न मिलने पर इन लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। जिन पर भरोसा जताकर जनता ने जीत का सेहरा बांधा है।
वहीं इनके सामने मुश्किलें भी कम नहीं हैं। सवाल उठ रहे हैं कि इन निर्दलीयों को भी मीरा गांधी के कार्यकाल की तरह विकास कराने में परेशानियां तो नहीं झेलनी पड़ेंगी। जबकि सकीट की सीट बसपा के खाते में मानवी यादव खींचकर ले गई हैं। यहां पर अंतिम समय तक कांटे की टक्कर रही और भाजपा की शकुंतला देवी को 24 वोट से हराकर विजय प्राप्त की है। जबकि मारहरा नगर पालिका परिषद पर सपा की शशिप्रभा ने 909 वोटों से भाजपा की राजश्री को मात दी है।