सोमवार की शाम को एटा पहुंचे पुलिस महानिदेशक अभियोजन डा. सूर्य कुमार ने ‘सजा कराओ अभियान’ के संबंध में अभियोजन अधिकारियों, शासकीय अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों संग की बैठक की। डीजी ने अपराधियों की सजा का कम प्रतिशत होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं से कुख्यात अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट से सामंजस्य बनाकर पैरवी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में डीजी ने नए अभियान को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं।
पुलिस महानिदेशक अभियोजन डा. सूर्य प्रकाश ने कहा कि 1 जुलाई 2015 से दिसंबर तक चले सजा कराओ अभियान के दौरान एटा जिले में 10 वर्ष से कम 42 और 17 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा कराई। 657 अपराधियाें की जमानत निरस्त हुई। मंडल स्तर पर 449 को दस वर्ष से कम, 99 अपराधियों को 10 वर्ष से अधिक की सजा कराई गई। जबकि प्रदेश स्तर पर 406 अपराधियों को बलात्कार के मामलों में सजा दिलाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जो कोर्ट महर्रिर काम नहीं कर रहे उन्हें तुरंत बदलें और खाली पड़े एडीजीसी के पदों को तुरंत भरने के लिए सूचना भेजें। बैठक में विगत 2002 मे गंजडुंडवारा में छह लोगों के अपरहण में नामजद तीन लोगों को सजा दिलाने वाले गवाहों को डीजी ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अभियोजन निदेशालय ने कानूून व्यवस्था को दुरुस्त करने व मुल्जिमों को चिन्हित कर सजा दिलाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है। प्रत्येक अभियोजक और शासकीय अधिवक्ता फौजदारी को सक्रिय/ कुख्यात अपराधियों के 5-5 मुकदमे आवंटित कर त्वरित कार्रवाई कर दंडित कराने का लक्ष्य दिया गया है। निदेशालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम की स्थापना और प्रदेश स्तर की हेल्पलाइन की शुरुआत भी हो चुकी है। एडिशनल एसपी विर्सजन सिंह यादव, एडीएम सतीश पाल, एएसपी क्राइम आरपी गुप्ता समेत जिले भर के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।