एटा। सावन के आखिरी सोमवार पर अराजक तत्वाें ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। जसरथपुर थानांतर्गत गांव दहेलिया पूठ स्थित करीब 100 साल पुराने मंदिर में रविवार रात देव प्रतिमाएं तोड़ डालीं। इनको बाहर तक फेंका गया। सुबह यह नजारा देख लोगों में आक्रोश पनप गया।
सोमवार सुबह जब मंदिर के पुजारी और शिव भक्त पूजा-अर्चना करने पहुंचे तो देखा कि मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। भगवान शिव, गणेश महाराज, पार्वती आदि की मूर्तियों को खंडित कर दिया गया। यह देख ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस बल ने पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया और मंदिर में शेष प्रतिमाओं के साथ पूजा-अर्चना शुरू कराई।
ग्राम प्रधान ललित मोहन मिश्रा ने कहा कि ये मंदिर 100 वर्ष पूर्व स्वामी सत्यदेव महाराज ने स्थापित कराया था। मंदिर में स्थापित गणेश जी की मूर्ति, कलश बाहर फेंका गया है। अन्य प्रतिमाएं भी खंडित की गईं हैं। शिवलिंग में ईंटों से कई प्रहार कर गड्ढा कर दिया है। अराजक तत्वों ने माहौल खराब करने के लिए आस्था को चोट पहुंचाते हुए घटना को अंजाम दिया है।
मंदिर के महंत दंडी स्वामी रामलखन दास ने तहरीर दी है। बताया कि रात के समय किसी शरारती तत्व ने सत्यदेव संत कुटीर आश्रम में स्थित मंदिर में शिव परिवार विराजमान मूर्तियाें को क्षतिग्रस्त कर दिया है। सीओ अलीगंज सुधांशु शेखर ने बताया कि इस तरह की घटना को अंजाम देने वाले की पहचान और तलाश की जा रही है। जल्द गिरफ्तार कर दंडित कराया जाएगा।