फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sextortion से सावधान! युवती ने फेसबुक पर की वीडियो कॉल, उतार दिए कपड़े, की रिकॉर्डिंग, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल

Mon, 09 Jan 2023 05:23 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

फेसबुक पर अनजान महिला, युवती से दोस्ती और रात में चैटिंग व वीडियो कॉलिंग पर बातचीत करना खतरनाक साबित हो सकता है। पहले तो युवतियां फोन करती हैं। इसके बाद वीडियो कॉल पर आने की बात कहती हैं। फिर खुद और आपसे कपड़े उतरवाती हैं। इसके बाद इसकी रिकार्डिंग करके वसूली करती हैं।

 
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एटा में जिले में Sextortion से संबंधित ठगी करने की वारदात तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर अपराधी ऑनलाइन ठगी के नए-नए पैंतरे अपनाते रहते हैं। मारहरा ब्लॉक क्षेत्र में तीन से चार लोग हर हफ्ते साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोग शर्म, हिचक की वजह से मामला दर्ज नहीं कराते हैं। नतीजतन वसूली का शिकार बनते हैं। 

विज्ञापन


आजकल लोग फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में बिना जांचे-परखे उन लोगों की भी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं, जिन्हें वह जानते ही नहीं हैं। इस तरह की रिक्वेस्ट वालों में साइबर ठग छिपे रहते हैं। यह ठग फेक आईडी बनाकर प्यार का ढोंग करते हैं। विश्वास जीतकर निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल कर लेते हैं। 

इसके बाद वीडियो वायरल कर देने की धमकी देकर यूजर्स को डराते-धमकाते हैं। समझौते के नाम पर रकम मांगते हैं। इसके अलावा लकी ड्रॉ, लॉटरी, सरकारी योजनाओं के लाभ आदि के नाम पर भी ठगी की जा रही है। मिरहची और मारहरा थाने में साइबर अपराध से संबंधित छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

ये हैं Sextortion की घटनाएं 

केस 1: कस्बा मिरहची में स्थित एक निजी क्लीनिक चला रहे डॉ. अवनीश राजपूत के पास 11 सितंबर 2022 को वीडियो कॉल आई। एक लड़की निर्वस्त्र अवस्था में बात कर रही थी। उसने मेरे भी स्क्रीनशॉट ले लिए। दूसरे दिन वायरल करने की धमकी दी व मोटी रकम की मांग की। हालांकि समझदारी दिखाते हुए अवनीश ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और ठगी से बच गए।

विज्ञापन


केस 2:  20 अक्टूबर 2022 को मोहम्मदपुर निवासी पवन के मोबाइल पर एक महिला का फोन आया। उनसे कहा कि आपकी बीस लाख रुपए की लॉटरी निकली है। यह रकम आपको आपके अकाउंट में भेजनी है। इस रकम के लिए एक ओटीपी आपको बताना पड़ेगा। ओटीपी बताते ही पवन के खाते से बीस हजार रुपए उड़ गए जिसका मैसेज देखकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सीओ सदर संगम लाल मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया फ्रेंड के अलावा, लॉटरी, क्रेडिट कार्ड, योजनाओं में लाभ दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जाता है। इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए सतर्कता रखें। अनजान लोगों से संपर्क न बढ़ाएं। किसी को भी अपने क्रेडिट कार्ड का सिक्योरिटी कोड, ओटीपी नंबर आदि न बताएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें