फिरोजाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुद के प्लॉट पर भवन निर्माण कराने के लिए कई आवेदन किए गए थे। आवेदकों में से अधिकांश लोग मानकों पर खरे नहीं उतर रहे। करीब 1530 आवेदक अपात्र घोषित किए गए हैं। 1270 आवेदनों के भू-संबंधी अभिलेखों का परीक्षण कराया जा रहा है। भूलेखीय सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर आवेदन निरस्त किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले के निकाय एरिया से करीब 2800 आवेदन डूडा विभाग को मिले थे। डूडा और नगर निगम की संयुक्त टीम के जरिए इन सभी आवेदनों की जांच व स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि स्थलीय सत्यापन के दौरान करीब 1530 आवेदन अपात्रता की श्रेणी में मिले हैं।
अपात्रों में अधिकांश एक परिवार में किसी एक व्यक्ति द्वारा योजना का लाभ लेने, मासिक और वार्षिक आय के दृष्टिकोण से साधन संपन्न होने, पहले से ही पक्का और बहुमंजिला मकान उपलब्ध होने के अलावा भूलेखीय दस्तावेजों में गड़बड़ी होने जैसे मामले थे। सत्यापन के दौरान प्रथम दृष्टया पात्र मिले लगभग 1270 आवेदकों के दस्तावेजों का भी अलग-अलग विभागों से सत्यापन कराया जा रहा है।
डूडा के सीएलटीसी आदित्य सिंह ने बताया कि पीएमएवाई शहरी के तहत प्राप्त आवेदनों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के दौरान करीब 1530 आवेदक अपात्र मिले हैं। शेष की द्वितीय चरण की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। निरस्त आवेदनों के सापेक्ष शासन के निर्देशानुसार नए आवेदन मांगे जाएंगे।