बुधवार को विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस मनाने जा रहे हैं। जनपद में इस शिक्षा की स्थिति काफी बदहाल है। माध्यमिक विद्यालयों के बच्चे नए साल में इस शिक्षा से पूरी तरह से महरूम हो जाएंगे। परिषदीय स्कूलों की स्थिति भी संतोष जनक नहीं हैं। विद्यालयों में लगाए गए कंप्यूटरों का ही अता पता नहीं है।
कंप्यूटर के महत्व को देखते हुए शासन ने परिषदीय जूनियर हाइस्कूल विद्यालयों में इस शिक्षा को लागू किया। वर्ष 2008-09 से यह शिक्षा शुरू की गई। वर्ष 2011-12 तक 97 विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए। जबकि जनपद में 444 जूनियर हाईस्कूल विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
माध्यमिक विद्यालयों की कंप्यूटर शिक्षा का हाल भी बेहाल है। जनपद में 32 शासकीय व सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैँ। इन विद्यालयों में से वर्ष 2010-11 में आइसीटी योजना के तहत 16 विद्यालयों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ा गया। इसके बाद वर्ष 2011-12 में 4 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू की गई। पहले चरण के 16 विद्यालयों में तैनात किए गए कंप्यूटर शिक्षक वर्ष 2014 में नवंबर माह में अनुबंध समाप्त हो जाने के बाद हट गए। तब से इन विद्यालयों के कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। शेष 4 विद्यालयों के कंप्यूटर शिक्षकों की संविदा दिसंबर में समाप्त होने जा रही है। इन विद्यालयों मे ंभी नए साल से कंप्यूटर शिक्षा बंद हो जाएगी। वित्त विहीन विद्यालयों की स्थिति भी इस मामले में काफी खराब है। 160 विद्यालयों में से कुछ गिने चुने विद्यालयों में ही बच्चों को यह शिक्षा दी जा रही है।