शुक्रवार शाम से ही सफाईकर्मी काम पर नहीं लौटे थे। शनिवार सुबह भी सफाईकर्मी काम पर नहीं आए तो लोग चिंतित हो उठे। सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें इस बात की आशंका है कि उनके काम पर जाने पर कसबे के लोग उनके साथ मारपीट कर सकते हैं। इस खौफ को लेकर पालिका प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपकर सुरक्षा के प्रबंध करने की मांग की। भीषण गर्मी में सफाई न होने से जगह जगह गंदगी के अंबार लगे रहे। वाशिंदो व तीर्थ यात्रियों को गदंगी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों ने पालिका से सफाई कराए जाने की मांग की।
पालिका अध्यक्ष बोले नो वर्क नो पे
सोरों की पालिकाध्यक्ष अर्चना पप्पी यादव ने कहा कि तीर्थ नगरी में हर समय बाहरी क्षेत्रों के श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है। सफाई का कामकाज ठप कर श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। सफाईकर्मियों से काम पर लौटने को कहा। स्पष्ट किया कि सफाईकर्मी काम पर नहीं लौटे तो नो वर्क नो पे के तहत वेतन कटौती की जाएगी।
दोनोें पक्षों के खिलाफ बलवे की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज
तीर्थ नगरी में शुक्रवार को वाल्मीकि और ब्राह्मण समाज के बीच हुए विवाद में पुलिस ने बलवे की धाराओं में दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीन को शुक्रवार को ही गिरफ्तार किया था। अज्ञात लोगों को चिह्नित करने का काम कर रही है।
गौरतलब हो कि वाशिंदे प्रदीप की ओर से दर्ज प्राथमिकी में सुशील, हरी सिंह, रामदास, शंकरलाल, अर्जुन, नरेश, जगदीश, राकेश और 40 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं सफाईनायक सुशील की तहरीर पर प्रदीप, अंकुर, योगेश, सुभाष, रामू, अनिल, राजीव, ओम, विमल, दयाल और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। सोरों कोतवाली निरीक्षक का कहना है कि पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर गंभीर है।