गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के चलते शहबाजपुर का कच्चा बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाया और कट गया। बांध कटने से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। गंगा का पानी गांवों की आबादी तक जा पहुंचा। तेजी से बढ़े पानी के कारण गांव के कच्चे मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। शहबाजपुर के आस-पास के क्षेत्र के ग्रामीण परेशान हो उठे। देर सांय तक सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत करके ठीक कर लिया। जिससे पानी का प्रवाह गांवों की ओर रुक गया।
गौरतलब हो कि गंगा में सोमवार को जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई थी। मंगलवार को सुबह भी गंगा के जलस्तर में और पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई। नरौरा से कछला गंगा की ओर 126374 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। कछला के जलस्तर के गेज बढ़कर 163.60 पर जा पहुंचा। चूंकि पहले से ही शहबाजपुर के आस-पास के इलाके में गंगा की बाढ़ के पानी का फैलाव हो चुका था। पानी का फैलाव होने के कारण कच्चा बांध कमजोरी की स्थिति में था। पानी का जलस्तर बढ़ने एवं प्रवाह तेज होने पर बांध पानी के दबाव को नहीं झेल पाया और लगभग 50 मीटर बांध कट गया। जिससे गंगा की बाढ़ का पानी तेजी से शहबाजपुर की ओर जा पहुंचा। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि खेत खलिहानों में चारों ओर कई कई फुट पानी भर गया। सरकारी विद्यालय तक पानी पहुंचने पर ग्रामीण चिंतित हो गए। पूरे गांव में बाढ़ के हालात थे। ग्रामीणों ने अपने सामानों को सुरक्षित करना शुरू कर दिया। तमाम स्थानों पर बंधा लगाकर किसानों ने खेतों में पानी घुसने से रोकने का प्रयास किया। समीपवर्ती गांव अजीनगर, वमनपुरा, रफातपुर इलाको के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। शहबाजपुर के नन्ने अंसारी ने बताया कि गंगा के पानी का प्रवाह काफी तेज था। बाढ़ के हालात गांव की आबादी के लिए खतरनाक बने हुए हैं। कच्चा बांध होने के कारण बांध कभी भी टूट सकता है। गांव के विजेंद्र पाल ने बताया कि दिन के समय में बांध कटने के कारण ग्रामीणों की नजर यह मामला आ गया। यदि रात में यह बांध कटता तो हालात काफी खराब होते हैं। ग्रामीण बांध की सुरक्षा को लेकर अब भी आशंकित हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर सिंचाई विभाग के अभियंता और उनकी टीम, पटियाली के एसडीएम परवेज अहमद, सहावर के एसडीएम सुनील कुमार यादव एवं राजस्व टीम भी मौके पर पहुंच गई। हालातों पर नियंत्रण पाने को सिंचाई विभाग ने बंधे का कटान रोकने के लिए प्लास्टिक बैग में रेत भरकर मरम्मत का काम शुरू कराया। देर सांय कटान रोकने के प्रयास देर सांय तक जारी थे। काफी कटान रुक गया था।
कासगंज(ब्यूरो)। जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियान ने बांध कटने की सूचना मिलते ही सभी टीमों को सक्रिय कर दिया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता को तत्काल कटान रोके जाने के निर्देश दिए। साथ ही शहबाजपुर एवं अन्य बांधों को रोके जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है।
कासगंज(ब्यूरो)। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरि शर्मा का कहना है कि शहबाजपुर का कटान सिंचाई विभाग ने पूरी सक्रियता से रोक लिया है। अब बांध को खतरा नहीं है, फिर भी बांध की निगरानी की जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने को विभाग तैयार है। उन्होंने बताया कि जलस्तर घटने के संकेत मिल रहे हैं।