चैत्र अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। स्नान के बाद लोगों ने मां गंगा और मंदिरों में पहुंचकर देवी-देवताओं की पूजा अर्चना की। दिनभर घाटों पर जयकारे गुंजायमान रहे।
गंगा स्नान के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश, अलीगढ़, एटा आदि राज्यों और जिलों से भक्तों की भीड़ कछला, लहरा, कादरगंज घाट, सोरों में हरि की पैड़ी में उमड़ी। सूर्योदय से हर हर गंगे के जयकारे शुरू हो गए थे। यह सिलसिला सारा दिन जारी रहा। घाटों के पास बने मंदिरों पर पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने मनौतियां मांगी। घाट किनारे बैठे साधु संतों को भोजन वस्त्र दान दिए। हरिनाम का संकीर्तन करते हुए श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी की परिक्रमा की। वराह मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, बाला जी दरबार, सिद्ध हनुमान, सोमेश्वर आदि मंदिरों में दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।