एटा। किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़कर किसानों को सस्ते दामों पर बीज, खाद, उर्वरक, कीटनाशक, मशीनरी, ग्रीन हाउस, पॉलीहाउस, कृषि तकनीक, मार्केट लिंकेज, ट्रेनिंग, नेटवर्किंग, आर्थिक मदद और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाया जाता है। इससे किसान का मनोबल बढ़ता है और वो खेती में बिना किसी बाधा के बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
जिला परियोजना समन्वयक आदित्य कुमार ने बताया कि एकता में ही सफलता के राज छुपे होते हैं। यही कारण है कि केंद्र सरकार की योजना किसान उत्पादक संगठन बनाकर किसानों को सशक्तीकरण प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी में आपसी सहयोग के लिए एकजुट करना है उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के इस योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सीधे लाभ पहुंच रहा है। एफपीओ सहयोगी संस्था इंटिको द्वारा किसानों को खेती किसानी से जुड़े कामों में आर्थिक और सामाजिक सहयोग मिलता है। इस योजना से लाभ लेने वाले किसानों को बाजार में भी अपनी फसलों का मोलभाव करने में आसानी होती है।
कहा कि किसान उत्पादक संगठन किसानों का एक रजिस्टर्ड ग्रुप होता है। जो खेती-किसानी से संबंधित मामलों में किसानों की मदद करता है। इससे किसानों को आपसी सहयोग के चलते फसलों की खरीद-बिक्री करने में आसानी होती है। आने वाले समय में हम एक एफपीओ ऐसा बनाएंगे जो शहद के उद्घाटन और आपूर्ति का काम करेगा।