एटा। गैर इरादतन हत्या के मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अशोक कुमार ने फैसला सुनाया। तीन भाइयों समेत चार दोषियों को सात साल कारावास की सजा का आदेश दिया है।
मामले में दाग सिंह निवासी गांव सोनसा ने थाना बागवाला में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 24 सितंबर 2012 को ओमेंद्र, चंद्रपाल व इसके भाई सुबोध और विनोद उसे गालियां देने लगे। विरोध करने पर इन लोगों ने लाठी-डंडों से पीट दिया। साथ ही उसकी पुत्री रत्नेश की बुरी तरह से पिटाई की। इसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
अदालत में चली लंबी सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क, गवाह, साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने चारों को दोषी पाया। इनको सात साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। संवाद