रेल बजट में जिले को कुछ मिलने की आस शहरवासियों को लगी हुई है। रेल विस्तार आंदोलन के बाद जनप्रतिनिधि भी कोशिश में जुटे हैं। आगरा-इंटरसिटी चलाने की मांग उठ रही है।
दशकों से रेल विस्तार की मांग पूरी होने की शहरवासियों को उम्मीद जग रही है। तो वहीं सामाजिक संस्था लक्ष्य के प्रयास रंग ला रहे हैं। आधा दशक तक सड़क से संसद तक अपनी आवाज पहुंचाने वाली संस्था रेलवे बोर्ड और भारत सरकार तक जिले की आवाज पहुंचा रही है। संस्था की पहल पर राज्यसभा सांसद और स्टेंडिंग कमेटी ऑफ रेलवे के सदस्य अंबेथ राजन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर रेल विस्तार की बात कही है। पत्र में लिखा है कि सर्वे में 26 किलोमीटर एटा-कासगंज रेल लाइन को सैद्धांतिक रूप से सहमति मिल गई थी लेकिन योजना आयोग से वित्तीय सहमति न मिलने के चलते यह प्रस्ताव आज भी अधूरा है।
रेल राज्यमंत्री से मिले किसान नेता
समग्र विकास परिषद के संस्थापक अखिल यादव ने शुक्रवार को दिल्ली में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से भेंटकर रेल विस्तार का ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर राजेश राजपूत, साधना भारती, योगेश राजपूत, अनिल सोलंकी आदि मौजूद रहे।
विकास के लिए रेल सुविधा जरूरी है। जनता की जागरूकता, नेताओं की सक्रियता और केंद्रीय सरकार की विकासपरक सोच से उम्मीद बढ़ रही है। इस बार जिले को रेल की सौगात मिलना तय लग रहा है।
- शिवकांत यादव, कारोबारी, जैथरा
रेल विस्तार की फिर आस जगी है। लेकिन दशकों से मायूस होने के चलते विश्वास नहीं बढ़ रहा। दशकों का इंतजार पूरा होना मन मांगी मुराद जैसा होगा।
- राहुल गुप्ता, अधिवक्ता, प्रेमनगर