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Etah News: हवा में बहे कई बार, आंधी आई एक बार

Wed, 05 Jun 2024 12:36 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। राजनीति के महासमर में हवाएं कई बार चलीं, जिनमें कुछ योद्धा बहे तो कुछ पार लगे। लेकिन एटा लोकसभा क्षेत्र के इतिहास में जो आंधी 1977 के चुनाव में आई, ऐसी फिर कभी नहीं देखी गई। इसमें सत्ता पक्ष की कांग्रेस भी बुरी तरह उखड़ गई थी। आपातकाल के समय में हुए इस चुनाव में भारतीय लोकदल के महादीपक सिंह शाक्य ने 71.94 प्रतिशत वोट हासिल कर जो रिकॉर्ड बनाया, उसे आज तक कोई छू नहीं सका है। 1975 में आपातकाल की घोषणा की गई थी। इस फैसले से देश में कांग्रेस के प्रति काफी उबाल था। विरोधी राजनीतिक दल भी एकजुट हो गए थे। ऐसे में 1977 में जब चुनाव हुए तो इस विरोध का दंश कांग्रेस को झेलना पड़ा था। एटा लोकसभा सीट पर उस समय तक हुए पांच चुनाव में चार बार कांग्रेस विजयी रही थी। 1977 के चुनाव में भारतीय लोकदल ने शाक्य प्रत्याशी महादीपक सिंह को चुनावी मैदान में उतारा। उन्हें कांग्रेस विरोधी लहर का ऐसा लाभ मिला कि अन्य दल और निर्दल प्रत्याशी उनकी आंधी में उड़ गए। कुल 6 प्रत्याशी मैदान में थे।
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उनमें से अकेले महादीपक सिंह का 71.94 प्रतिशत मतों पर कब्जा हो गया। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मुस्तफा रशीद शेरवानी 23.24 प्रतिशत मतों पर सिमट गए। अन्य चार प्रत्याशियों के हिस्से में कुल 4.82 प्रतिशत मत आए। इसके बाद महादीपक सिंह शाक्य भाजपा की टिकट पर तीन बार सांसद चुने गए। लेकिन अपने उस रिकॉर्ड को खुद भी नहीं तोड़ सके। जबकि अन्य प्रत्याशी तो इसकी कल्पना तक नहीं कर सके।
2009 में जब पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह आए तो सपा ने उनको समर्थन देते हुए चुनाव लड़ाने में हामी भर दी। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने जनसभा की। भाजपा उस दौर में मजबूत स्थिति में नहीं थी। इन हालातों और कल्याण सिंह का कद देख लग रहा था कि 1977 का रिकॉर्ड टूट सकता है। लेकिन सपा से बगावत कर बसपा की टिकट पर चुनाव लड़े देवेंद्र सिंह ने कड़ी टक्कर दी। जिसके चलते कल्याण सिंह को 48.57 प्रतिशत वोट हासिल हुए। संवाद
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1977 के आगे फीकी रही मोदी लहर
2014 में जबरदस्त मोदी लहर आई। इसे मोदी सुनामी भी बोला गया था। जिसके आगे सब किले ढह गए थे और नए-नए रिकॉर्ड बने थे। एटा लोकसभा सीट पर कल्याण सिंह के पुत्र भाजपा प्रत्याशी राजवीर सिंह मैदान में थे। हालांकि वह आसानी से जीते, लेकिन 1977 के आंकड़े के आगे यह जीत फीकी ही थी। राजवीर सिंह को 51.28 प्रतिशत वोट मिले। इसके बाद 1999 में उन्होंने 54.52 प्रतिशत वोट प्राप्त कर जीत हासिल की।
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बड़े अंतर से जीतने वाले सांसद
चुनाव सांसद पार्टी मत प्रतिशत
1977 महादीपक सिंह शाक्य बीएलडी 71.94
2019 राजवीर सिंह भाजपा 54.52
2014 राजवीर सिंह भाजपा 51.28
2009 कल्याण सिंह निर्दल 48.57
1991 महादीपक सिंह शाक्य भाजपा 44.28
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