गंगा के जलस्तर में फिर से 20 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं। बताया जाता है कि रविवार को सुबह 8 बजे गंगा में हरिद्वार से 71245 क्यूसेक, बिजनौर से 121212 क्यूसेक और नरौरा बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर 134235 क्यूसेक हो गया। इससे कछला में गंगा का जलस्तर 20 सेमी बढ़कर 163.50 मीटर हो गया है।
जलस्तर बढ़ने से गंगा तराई क्षेत्र में बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है। बाढ़ प्रभावितों में कादरगंज का इलाका सर्वाधिक संवेदनशील है। कारण यहां अभी से खेत, खलिहानों में नदी का पानी भर चुका है। यदि जलस्तर में और बढ़ोत्तरी हुई, तो पानी गांव में भी घुसने लगेगा।
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरि शर्मा ने बताया कि नरौरा से पानी का डिस्चार्ज बढने से जलस्तर में वृद्धि हुई है। जबकि इससे पहले जलस्तर में दो दिनों तक गिरावट आई थी। जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में जनपद के गंगा तराई इलाके में लो फ्लड के हालात बने हुए हैं।