एटा। गैर इरादतन हत्या के मामले में मंगलवार को जिला जज दिनेश चन्द ने फैसला सुनाया। दोषी पाए गए पांच लोगों को सात साल के सश्रम कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है।
मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र का है। रघुवीर सिंह निवासी गांव नगला उम्मेद ने 25 मार्च 2013 को इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लिखा था कि पुत्र रामशंकर व मुकेश कुमार खेतों में सरकारी नलकूप से सिंचाई कर रहे थे। यहां पहले से घात लगाए बैठे गंगा सिंह, इसके पुत्र ईश्वर दयाल और अरविंद कुमार के अलावा कन्हैया निवासी नगला घनश्याम और सचिन उर्फ होरीलाल निवासी गांव नगला उम्मीद थाना कोतवाली देहात हथियारों से लैस होकर आए।
कहने लगे कि पहले अपने खेतों की सिंचाई करेंगे। मना करने पर फरसा, छुरा, फावड़ा, डंडा, लाठी आदि से रामशंकर व मुकेश को पीटा। बचाने आए तीसरे पुत्र सतीश कुमार को भी पीटा। इसमें वह बुरी तरह घायल हो गया। इलाज के लिए आगरा ले जाते समय उसकी मौत हो गई। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद पांचों को दोषी पाया गया। जिला जज ने इन सभी को कारावास के अलावा 16-16 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
गैंगस्टर एक्ट में दोषी को 7 साल की सजा
एटा। विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट सारिका गोयल ने मंगलवार को गैंगस्टर एक्ट के मामले में दंडादेश जारी किया। दोषी पाए गए रोहित कुमार निवासी सरौंठ थाना जसरथपुर को 7 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। रोहित के विरुद्ध 2017 में थाना जसरथपुर में मामला दर्ज किया गया था। संवाद