एटा। अवागढ़ पुलिस की मनमानी के कारण 12 दिन बाद लूट का मुकदमा पुलिस उच्चाधिकारियों के आदेश पर दर्ज हो सका है। वारदात आगरा रोड स्थित तिसार की पुलिया के पास हुई थी। जब थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की नहीं सुनी तो मजबूर होकर उच्चाधिकारियों से गुहार लगानी पड़ी।
थाना अवागढ़ आगरा रोड स्थित गांव तिसार की पुलिया के पास बाइक सवार योगेश पुत्र सुरेंद्र सिंह और इनकी पत्नी आशा देवी निवासी ढकपुरा लूट की शिकार हुई थी। पीड़ित का आरोप है कि लुटेरे बैग में रखे एक लाख रुपये और जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले की शिकायत थाना पुलिस से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आशा देवी ने बताया है कि वह बैग में रकम रखकर निर्माणाधीन मकान का सामान लेने जा रही थी तभी बाइक में टक्कर मारकर गिरा लिया गया और लूटपाट के साथ ही मारपीट भी की गई थी।
इनका कहना है कि आरोपियों को पहचान लिया गया था और नामजद तहरीर दी गई। इसके बाद थाना पुलिस आरोपियों से मिलकर बचाने में लगी रही। जब थाना पुलिस ने नहीं सुनी तो एसएसपी सुनील कुमार सिंह से जाकर मिले। एसएसपी के आदेश पर 12 दिन बाद थाना अवागढ़ पुलिस ने लूट जैसी संगीन वारदात का मुकदमा सतेंद्र पुत्र राजवीर सिंह निवासी तिसार सहित चार लोगों के खिलाफ दर्ज किया है।
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भाजपा नेत्री पीड़िता
भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी के साथ लूट की वारदात हो गई। लेकिन पुलिस संगीन मामले को टालने में लगी रही। पीड़िता अपने साथ हुई वारदात को लेकर इतनी आहत थी कि वह आत्महत्या करने पर उतारू थी लेकिन थाना पुलिस नहीं पसीजी। एसएसपी के आदेश के बाद भाजपा नेत्री की रिपोर्ट दर्ज हो सकी है।