एटा। कासगंज रोड स्थित गांव गिरोरा में चल रहे कारखाने की शिकायत दिसंबर में की गई। यहां बनाई जा रही जैविक खाद की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई गई थी। शिकायत पर कृषि विभाग ने नमूना तो ले लिया, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। शिकायतकर्ता ने मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए अब मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है।
शिकायतकर्ता ने दिसंबर में डीएम से शिकायत की थी कि कासगंज रोड स्थित गांव गिरोरा से बदरिया मार्ग पर एक कारखाना चल रहा है। इसमें जैविक खाद तैयार की जाती है, लेकिन इसके नाम पर किसानों से छलावा किया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आसपास के क्षेत्र से साधारण मिट्टी यहां लाई जाती है और उसको खाद का रूप देकर बोरियों में पैक कर दिया जाता है। स्थानीय किसानों को यह सस्ते दामों में बेची जा रही है, लेकिन इस खाद से कोई लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। जिसके बाद कृषि विभाग की टीम कारखाने का निरीक्षण करने पहुंची, लेकिन किसी भी तरह की खामी पाए जाने से इन्कार किया।
वहीं जैविक खाद की जांच के लिए नमूने ले लिए, लेकिन इन नमूनों की रिपोर्ट अब तक न आने पर मामला संदेहास्पद बताते हुए शिकायतकर्ता ने अब मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। कहा है कि कृषि विभाग और कारखाना संचालक की सांठ-गांठ से मामले को दबाया जा रहा है। सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह का कहना है कि दिसंबर में निरीक्षण करने के बाद ही जांच के लिए नमूना भेज दिया था। अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। यह प्रयोगशाला स्तर का मामला है। यदि जांच रिपोर्ट में कोई कमी बताई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।