एटा। कोतवाली देहात थानांतर्गत गांव उद्दनपुर रामनगर में महिला लेखपाल एक मामले की जांच करने पहुंचीं। आरोपी पक्ष के लोगों ने घेर लिया। आरोप है कि उनकी पिटाई की और जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया। सूचना पर नायब तहसीलदार फोर्स लेकर पहुंचे। मामला राजनीतिक होने की वजह से पुलिस ने रिपाेर्ट नहीं लिखी तो लेखपालों का थाने में धरना देना पड़ा। तब कहीं जाकर रात में रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
लेखपाल प्रीति गुप्ता ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2.30 बजे आईजीआरएस शिकायत के संबंध में जांच करने उद्दनपुर रामनगर पहुुंची थीं। इसी दौरान नौबत सिंह, पप्पू व रामू तमंचे व लाठी-डंडे लेकर आ गए। मुझे व शिकायतकर्ता सहदेव सिंह को गालियां देना शुरू कर दिया। मेरा मोबाइल छीन लिया और सरकारी अभिलेख फाड़ दिए। विरोध करने पर मुझे पीटा और जान से मारने की नीयत से गला दबाने लगे। शिकायतकर्ता पक्ष के अन्य लोगों के आने पर आरोपी तमंचे लहराते हुए भाग गए। बाद में सूचना पर फोर्स भी पहुंच गया।
लेखपाल ने कोतवाली देहात आकर तहरीर दी। लेकिन यहां मामले पर राजनीतिक रंग चढ़ गया। जिसके दबाव में पुलिस आ गई और रिपोर्ट नहीं लिखी गई। देर शाम तक कोई कार्रवाई न होने पर लेखपाल एकत्रित हो गए और थाना परिसर में ही धरना देकर प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख अधिकारियों ने निर्देश दिए, तब रिपोर्ट दर्ज की गई। सीओ सिटी राजकुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर रिपोेर्ट दर्ज कर ली गई है। आराेपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।