बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद देख सोमवार शाम किसान अशोक पचौरी (48) की सदमा
लगने से मौत हो गई। किसान की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं
प्रशासन किसान की मौत लो ब्लड प्रेशर के चलते होना बता रहा है। दूसरी ओर
विकास खंड शीतलपुर के गांव उज्जैपुर में बोई हजारों बीघा गेहूं, मूंगफली
आदि की फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना देने के बाद भी लेखपाल के न पहुंचने
पर मंगलवार को किसानों का आक्रोश भड़क गया। गांव में हंगामा किया।
मारहरा के गांव त्रिलोकपुर निवासी अशोक पचौरी के नाम पर छह बीघा खेती
थी। भाइयों और अन्य ग्रामीणों की फसल करीब 36 बीघा पट्टे पर लेकर की थी।
परिवारीजनों के अनुसार अशोक ने इस बार कुल 42 बीघा में गेहूं की फसल की थी।
परिवारीजनों ने बताया कि सोमवार शाम वह खेत में फसल देखने गए थे। फसल को
बर्बाद देख किसान के होश उड़ गए। घर पहुंचते ही उनकी हालत बिगड़ गई।
परिवारीजनों ने एक प्राइवेट क्लीनिक पर भर्ती कराया। चिकित्सकों ने आगरा
रेफर कर दिया। रास्ते में मौत हो गई। जानकारी पर लेखपाल पहुंच गए।
दूसरी
ओर विकास खंड शीतलपुर के गांव उज्जैपुर के किसानों ने फसल बर्बाद होने पर
गांव में ही जमकर प्रदर्शन किया। किसानों ने बताया कि गेहूं, मूंगफली की
करीब 200 बीघा में फसल बोई थी जो बारिश के चलते बर्बाद हो गई। इसकी सूचना
लेखपाल को दी गई, लेकिन फिर भी लेखपाल नुकसान का आकलन करने आज तक नहीं
पहुंचा। बोले, अगर सुनवाई नहीं हुई तो वह जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन
करेंगे। इस मौके पर तारादेवी, लौंगश्री, विनीताश्री, फूलवती, नाथूराम सेठ,
उमेश राजपूत आदि मौजूद थे।
कानूनगो की रिपोर्ट के अनुसार लो ब्लड
प्रेशर के चलते किसान की मौत हुई है। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही
है। वहीं गांव उज्जैपुर मामले में लेखपाल गांव नहीं पहुंचा है तो जांच
कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- अजीत कुमार, एसडीएम सदर