एक सप्ताह से बढ़ते तापमान ने गर्मी बढ़ा दी है। कभी तापमान बढ़ रहा है तो कभी घट रहा है। ऐसे में वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ गया है। बच्चों में सर्दी, जुकाम, निमोनिया तो बुजुर्गों में बदन दर्द, अस्थमा अटैक की बीमारी हो रही है। गर्मी का अहसास होने पर घरों में चल रहे पंखे मर्ज और बढ़ा रहे हैं। चिकित्सकों की माने तो बदलते मौसम में इससे बचना चाहिए। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया का खतरा भी बढ़ रहा है।
मौसम में बदलाव के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। आम दिनो में 600-700 मरीज पहुंच रहे थे। अब हर रोज 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। यही हाल निजी अस्पतालों और शहर के क्लीनिक का है। चिकित्सकों को कहना है कि ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। गंदगी के ढेर, सिल्ट, नाले की सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। अब मलेरिया, डेंगू का खतरा भी बढ़ने लगा है।
एक नजर बदलते तापमान पर
तारीख न्यूनतम अधिकतम
17 फरवरी 25 09
18 फरवरी 30 14
12 फरवरी 31 16
20 फरवरी 26 10
21 फरवरी 28 13
22 फरवरी 28 13
23 फरवरी 27 12
चिकित्सकों की सलाह
- बच्चों को पंखे की हवा से बचा कर रखें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनाएं।
- सोते वक्त गर्मी लगने पर कॉटन की चादर ओढ़ें।
- बच्चों को आईस्क्रीम, कोल्ड डिंक न पीने दें।
- मच्छर से बचने के लिए कीटनाशक छिड़कें।
बदलते मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। पैरेंट्स खुद के साथ परिवार के बच्चों और बुजुर्गों को पंखे की हवा से बचा कर रखें। मौसम बदलाव के वक्त सर्दी, जुकाम के साथ इन्फेक्शन का खतरा हमेशा रहता है।
- डा. राजेश सक्सेना, बाल रोग विशेषज्ञ