एटा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नए सत्र 2026-27 में प्रवेश की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार फर्जी तरीके से दाखिला लेने वाले लोगों पर लगाम कसी जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से 11 सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है जो आवेदनों की जांच करेगी।
आरटीई के तहत गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाती है। किसी प्रकार की धांधली से बचने के लिए सख्ती की जा रही है। अपात्रों को लाभ लेने से रोकने के लिए दोहरा सत्यापन किया जाएगा। शिक्षा विभाग के साथ ही संबंधित विभाग प्रमाणपत्रों की जांच करेंगे। इसके अलावा बच्चे और अभिभावक का आधार कार्ड भी अनिवार्य कर दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के जारी शासनादेश के मुताबिक, आरटीई के आवेदनों का ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दो स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। अभी तक इसका सत्यापन खंड शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी करते थे लेकिन अब इसमें विभागीय जांच भी शामिल की गई हैं। संबंधित विभाग के प्रमाणपत्रों को अस्वीकार करने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। फर्जी दस्तावेज आय, जाति आदि प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिला कराने और गलत सत्यापन करने वाले संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।