जहां पिछले साल ट् विद्युत निगम के अधिकारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को गुमराह कर ई-गर्वनेंस सिस्टम को पलीता लगा रहे हैं। इसकी बानगी शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के नगला मड़िया में देखने को मिली। रांसफार्मर जलने की शिकायत महिला ने कई बार पीएम और सीएम के पोर्टल पर दर्ज कराई। शिकायत विद्युत निगम को रेफर हुई तो देहात एक्सईएन ने ट्रांसफार्मर लगाए बिना कागजी कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजी। शिकायतकर्ता का माथा तब ठनका जब पोर्टल से शिकायत के निस्तारण का एसएमएस आया। जबकि ट्रांसफार्मर के दोनों खंभे खाली खड़े हैं।
शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के नगला मड़िया निवासी अतिप्यारी ने एक साल पहले जला ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत अक्तूबर में पीएम और सीएम पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कराई थी। शिकायत पर शासन ने संज्ञान लेकर एटा के विद्युत निगम अफसरों को निस्तारण के आदेश दिए।
अब एक्सईएन राजकुमार ने मड़िया गांव में ट्रांसफार्मर लगाए कागजी कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट शासन को निस्तारण की भेज दी। रिपोर्ट में एक्सईएन ने परिवर्तक बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की बात कही है। जबकि मड़िया गांव में ट्रांसफार्मर के खंभे खाली खड़े हैं। एक्सईएन के झूठ का खुलासा तब हुआ जब शिकायतकर्ता के मोबाइल पर शिकायत के निस्तारण का एसएमएस आया।
शुक्रवार को पीड़ित महिला ने एक बार फिर पोर्टल पर अधिशासी अभियंता के झूठ की शिकायत फोटो के साथ भेजी है। खास बात यह है कि एक्सईएन राजकुमार ने शिकायत निस्तारण की झूठी रिपोर्ट प्रमुख सचिव ऊर्जा, एमडी दक्षिणांचल, मुख्य अभियंता अलीगढ़ मंडल को भेजी है।