एटा। अलीगंज तहसील सभागार में शुक्रवार को फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में बैठक की गई। इसकी प्रक्रिया और लाभ की जानकारी देते हुए रफ्तार बढ़ाने में अधिकारियों ने सभी का सहयोग मांगा।
तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय ने ईओ, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि, वार्ड मेंबर, नगर पालिका कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। तहसीलदार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री तैयार होने के बाद जरूरत पड़ने पर जिला, तहसील और गांव का चयन कर भूमि स्वामी और खाते की जानकारी निकाली जा सकेगी। प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की फार्मर आईडी जेनरेट की जाएगी।
इसमें प्रत्येक खातेदार का खसरा नंबर, हिस्सा, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, और ई-केवाईसी विवरण दर्ज होगा। अगर भू-अभिलेख में कोई बदलाव होता है, तो फार्मर रजिस्ट्री स्वतः अपडेट हो जाएगी। इसके अलावा, डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के तहत प्रत्येक खसरे में दर्ज फसल की जानकारी भी रजिस्ट्री में उपलब्ध होगी। भूस्वामी जनसेवा केंद्र के माध्यम से तय शुल्क देकर फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं। ईओ कृष्ण कुमार सरल, चेयरमैन प्रतिनिधि सुजीत गुप्ता बॉबी आदि मौजूद रहे।