अमर उजाला में प्रकाशित खबर ।संवाद
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एटा। जीटी रोड स्थित एक निजी दुकान पर रविवार को डीएपी की कालाबाजारी चलती रही। किसानों से एक बोरी पर 300 रुपये अधिक वसूले गए। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद कृषि विभाग ने विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
जीटी रोड स्थित उदय फर्टिलाइजर पर रविवार को डीएपी की एक बोरी 1650 रुपये में बेची जा रही थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग के आला अधिकारी हरकत में आए। सोमवार को दुकान की जांच कराई गई। जिसके बाद उर्वरक विक्रेता हरिओम का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि उदय फर्टिलाइजर पर डीएपी की बिक्री में कालाबाजारी की जा रही थी। जिसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उर्वरक विक्रेता के यहां करीब 150 बोरी स्टॉक है, जो वहीं सुरक्षित रहेगा। लाइसेंस निलंबन के बाद भी अगर वह डीएपी की बिक्री करता है तो लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
1350 रुपये की डीएपी बेच रहा था 1650 रुपये में
डीएपी की एक बोरी का मूल्य 1350 रुपये निर्धारित है। लेकिन चौथा मील स्थित दुकान पर इसे 1650 रुपये में बेचा जा रहा था। जिसके चलते आसपास के किसान परेशान थे। हालांकि कमी के चलते मजबूरी में खरीद कर रहे थे।