एटा। बेमौसम बारिश से तमाम किसानों को धान की फसल में बर्बादी झेलनी पड़ी। वहीं अब आलू और सरसों की बुवाई में डीएपी की किल्लत बाधा बन रही है।
डीएपी न मिलने की वजह से किसानों की आलू व सरसों की फसल पिछड़ती नजर आ रही है। जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होगा। इसे देखते हुए कई किसानों ने अपने इरादे बदल दिए हैं। जो किसान हर साल से 10 से 15 बीघा खेत में आलू की बुवाई करते थे, इस बार डीएपी न मिलने की वजह से सिर्फ दो से तीन बीघा खेत में ही तैयारी कर रहे हैं। वहीं कुछ किसान सीधे गेहूं की ही बुवाई करने में जुट गए हैं।
उधर, बुधवार को शहर के अलीगंज तिराहा स्थित सहकारी समिति पर डीएपी का वितरण किया गया। इस दौरान किसानों की लंबी कतार देखने को मिली। दोपहर के बाद यहां पर डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया। जिसके बाद किसानों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
एआर कोऑपरेटिव महावीर सिंह ने बताया कि जिले के करीब 12 केंद्रों पर 400 बोरी डीएपी पहुंचाई गई है। एक दो दिन में डीएपी की रैक जिले में पहुंच जाएगी।
केस-1: आलू व सरसों की फसल को छोड़ गेहूं की कर रहे बुवाई
जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव नगला तुलसी निवासी राहुल कुमार ने बताया कि हर साल आलू व सरसों की बुवाई करीब दस बीघा खेत में करते थे। लेकिन इस बार डीएपी न मिलने की वजह से इनकी खेती नहीं कर पाई है। पूरे खेत में गेहूं की बुवाई कर रहे हैं। वहीं इस बार बेमौसम बारिश होने की वजह से करीब पांच बीघा खेत में धान की फसल भी बर्बाद हो गई।
केस-2: 12 बीघा की जगह किया सिर्फ दो बीघा में आलू
सकीट ब्लॉक क्षेत्र के गांव कमालपुर निवासी श्याम सुंदर यादव ने बताया कि इस साल डीएपी खाद न मिलने के कारण आलू की फसल का रकबा कम करके सरसों की फसल बोई है। वैसे हर साल दस से बारह बीघा आलू की फसल खेतों में करते थे। इस बार आलू दो बीघा किया है और शेष खेतों में गेहूं की बुवाई कर रहे हैं।