शहर के भूतेश्वर स्थित ओवरहेड टैंक। संवाद
एटा। शहर और आसपास के इलाकों में पेयजल की स्थिति चिंताजनक है। यहां कई इलाकों में पानी का टीडीएस (टोटल डिजोल्व्ड सॉलिड) 1800 के पार पहुंच गया है। अन्य तत्व भी मानक से अधिक हैं। यह खुलासा जल निगम की टीम के सर्वे में हुआ है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लिए गए 12 सैंपल में से आठ फेल आए हैं। ऐसे में 57 करोड़ की पेयजल योजना के लिए ट्यूबवेल पंपों को लगाने के स्थान का चयन करना मुश्किल हो गया है। ट्यूबवेल के लिए नए स्थानों की तलाश की जा रही है। शहर में घर-घर शुद्ध जल पहुंचाने के लिए नगर पालिका और जल निगम की ओर से पाइप लाइन डाली जा रही है। 57 करोड़ रुपये योजना का बजट है। इसके तहत दो नए ओवरहेड टैंंक बनाए जांएगे। वहीं, आठ पुराने टैंकों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। शहर में बिछी पानी की पुरानी लाइन को बदला जाएगा। 19 ट्यूबवेल लगाए जांएगे। वहीं नौ ट्यूबवेलों को रीबोर किया जाएगा। नए ओवरहेड टैंक किदवई नगर और लालपुर में जगह चिह्नित की गई है। जन निगल के अवर अभियंता विद्युत यांत्रिकी नागेंद्र कुशवाह के अनुसार नए ट्यूबवेल के लिए शहर के आगरा रोड पर कांन्वेंट स्कूल की सीनियर विंग तक, जिला पंचायत परिसर के आसपास और कोतवाली नगर, अलीगंज रोड के आसपास के पानी के सैंपल लिए गए। कुल 12 में से आठ सैंपल फेल आए हैं। सकीट रोड, सुनहरी नगर, किदवई नगर में पानी अच्छा मिला है।
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है यह पेयजल
अवर अभियंता नागेंद्र कुशवाह के अनुसार इन सैंपलों में टीडीएस 1800 से 2000 मिलीग्राम प्रति लीटर तक निकला है। लालपुर में 2300 टीडीएस मिला है। मैग्नीशियम की मात्रा 100 से अधिक, कैल्शियम 150, क्लोराइड 500, नाइट्रेट 50, हार्डनैस और एक्लेनिटी 700 के पार पहुंच गई है। यह पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
ट्यूबवेल के लिए नये स्थानों का किया जा रहा चयन
हर घर शुद्धजल के लिए पाइप लाइन डाली जा रही है। इसके लिए दो ओवर हेड नए बनाए जांएगे। पुराने आठ टैंकों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। 19 नए ट्यूबवेल लगाए जाने हैं। जहां पानी खराब है, उन स्थानों से दूर ट्यूबवेल को लगाने पर विचार चल रहा है। वहां से ओवरहेट टैंक तक पाइप लाइन डालकर पानी की सप्लाई पहुंचाई जाएगी।
शहर में घर-घर शुद्ध जल पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डाली जा रही हैं। इसका बजट 57 करोड़ रुपये है। कई जगहों पर पानी की गुणवत्ता बेहद खराब मिली है। ऐसे स्थानों से दूर ऐसी जगहों को चयन किया जाएगा, जहां पानी की स्थिति ठीक है।
- तारिक अली, एक्सईएन जल निगम