माहरा क्षेत्र में आंधी से गिरे हुए कच्चे आमों को मंडी में बेचते किसान। संवाद
मारहरा। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से देर रात आई तेज आंधी ने आम के बागानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अधपकी आम की फसल जमीन पर गिरकर बर्बाद हो गई है। इस वर्ष पहले से ही कम बौर आने के कारण किसान निराश थे।
किसानों के अनुसार, दो माह पहले आम के पेड़ों पर बौर आना शुरू हुआ था लेकिन पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बौर काफी कम आया। जो थोड़े-बहुत फल पेड़ों पर लगे थे, वे भी तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण जमीन पर गिर गए। पेड़ों पर अब बहुत कम मात्रा में आम बचे हैं। इस स्थिति के कारण आम के शौकीनों को भी इस बार अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
इस वर्ष आम के पेड़ों पर बौर पहले से ही कम आया था। अब दो दिन की तेज आंधी और बारिश ने बची-खुची फसल को भी बर्बाद कर दिया है। अधपके आम जमीन पर गिर गए हैं। कम उत्पादन के कारण इस बार आम की कीमतें बढ़ने की संभावना है।
विकास खंड क्षेत्र के गोकनी, समसपुर, त्रिलोकपुर, लालपुर, खकरई, पिदौरा, मुइनुद्दीनपुर और कंचनगढ़ी जैसे दर्जनों गांवों में आम के बागान फैले हुए हैं। नगला इंदू के बागवान राजा ने बताया कि उनके 200 बीघा के बड़े भू-भाग में आम के बागान हैं। गांव भावनगर के बागवान मंगल सिंह ने भी अपने 20 बीघा बाग में आम गिरने से बड़े नुकसान की जानकारी दी।