जलेसर/एटा। रेलवे में टेंडर मिलने की उम्मीद पर ठेकेदार पति ने पिछले साल परिवार को जलेसर पहुंचा दिया था। वहां के एक स्कूल में बच्चों का प्रवेश भी करा दिया। लेकिन बाद में उसे टेंडर नहीं मिल सका और बच्चों के साथ पत्नी जलेसर में रह रही थी। इसी दरम्यान यह घटना उसके साथ हो गई।महिला के पति ने बताया कि वह रेलवे में पंजीकृत ठेकेदार है। वर्तमान में मुरादाबाद में ही रहकर काम कर रहा है। जबकि परिवार करीब एक साल से जलेसर में है। पत्नी लंबे समय से ल्यूकोरिया से बीमार है। चिकित्सकों के इलाज से लाभ न मिलने पर हकीम के झांसे में आ गई। उस पर भरोसा कर साथ में लोनी चली गई। इससे पहले वह अपनी बहन के घर आगरा में रह रही थी। इसलिए मैं निश्चिंत था और इस तरह की घटना की कोई जानकारी ही नहीं हो सकी।
13 मार्च को वहां से भागने का मौका मिला। उसके पास मोबाइल, रुपये कुछ नहीं था। किसी तरह बस आदि में बैठकर वह मुरादाबाद मेरे पास पहुंची। इसके बाद हम लोग कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जलेसर थाने गए। लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने के बजाए चक्कर कटवाती रही। मजबूरन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। जहां से रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया गया। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। हम लोग चाहते हैं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
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वापस आने के बाद कराना पड़ा इलाज
पति ने बताया कि आरोपियों ने पत्नी के साथ बुरी तरह शारीरिक शोषण किया। जिसके चलते वह बीमार हो गई। मानसिक रूप से भी परेशान हो गई थी। वापस आने के बाद वह बहकी-बहकी बातें कर रही थी। डॉक्टर से कई दिन उसका इलाज कराना पड़ा।
मुजफ्फरनगर का रहने वाला है हासिम
हकीम हासिम मूल रूप से मुजफ्फरनगर के खतौली का रहने वाला है। जहां यहां आकर दवा, जादू-टोना आदि के झांसे में लोगों को लेता था। आशंका यह भी है कि इस तरह से अन्य महिलाओं-युवतियों के साथ भी शोषण किया गया हो। पुलिस की जांच में यह बिंदु भी प्रमुख रहेगा।