मेडिकल कॉलेज के पास बना जन औषधि केंद्र। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज के पास संचालित जन औषधि केंद्र पर पिछले तीन माह से कई जरूरी दवाओं का संकट बना हुआ है। दवाएं नहीं मिलने से मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और नियमित दवा लेने वाले मरीजों पर पड़ रहा है।
जन औषधि केंद्र पर थायरॉयड, व्हाइट डिस्चार्ज, पीसीओडी, फंगल संक्रमण, खाज-खुजली समेत कई बीमारियों की दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। चिकित्सकों का पर्चा लेकर पहुंचने वाले मरीजों को दवाएं न मिलने पर मायूस लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से अधिक कीमत चुकाकर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन लंबे समय से दवा की कमी के कारण योजना का लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है। मरीजों का कहना है कि यदि समय पर दवाओं की आपूर्ति हो तो उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सकती है।